Lesson 2: राशि चक्र क्या है? (The Zodiac) Evergreen Astrology Knowledge Series
ज्योतिष (Astrology) को समझने के लिए सबसे पहले राशि चक्र (Zodiac) को समझना जरूरी है। जब हम किसी जन्म कुंडली (Birth Chart) को देखते हैं, तो उसमें अलग-अलग राशियाँ दिखाई देती हैं और ग्रह (Planets) किसी न किसी राशि में स्थित होते हैं।
आखिर यह राशि चक्र क्या है?
12 राशियाँ क्यों हैं?
- हर राशि को 30° ही क्यों दिया गया है?
- और कुंडली में राशि की भूमिका क्या है?
आइए इसे बिल्कुल basic level से समझते हैं।
राशि चक्र क्या है? (What is the Zodiac?)
ज्योतिष में Zodiac उस 360° के चक्र को कहा जाता है जिसे 12 बराबर भागों में विभाजित करके 12 राशियों के रूप में देखा जाता है।
सरल रूप में:
360° का Zodiac Circle → 12 राशियाँ → प्रत्येक राशि 30°
अर्थात:
12 × 30° = 360°
इसी 360° के चक्र में ग्रहों की स्थिति को राशि के संदर्भ में समझा जाता है।
12 राशियाँ कौन-कौन सी हैं?
ध्यान रखें
एक राशि कितने Degree की होती है?
हर राशि का विस्तार 30° (Degrees) होता है।
उदाहरण के लिए:
मेष राशि = 0° से 30°
यदि किसी ग्रह की position 10° मेष है, तो वह मेष राशि के शुरुआती हिस्से में है।
इसी तरह:
18° मेष
का अर्थ है कि ग्रह मेष राशि के 18वें degree पर स्थित है।
और:
27° मेष
का अर्थ है कि ग्रह मेष राशि के अंतिम हिस्से के करीब है।
इसलिए कुंडली में केवल यह देखना कि ग्रह किस राशि में है, हमेशा पूरी information नहीं देता। आगे की Astrology में ग्रह की exact degree भी महत्वपूर्ण होती है।
Zodiac और Birth Chart का क्या संबंध है?
जब किसी व्यक्ति की Birth Chart (जन्म कुंडली) बनाई जाती है, तो जन्म के समय आकाशीय पिंडों की स्थितियों को एक chart के रूप में दर्शाया जाता है।
इस chart में हम देखते हैं:
कौन-सा ग्रह → किस राशि में → किस भाव में स्थित है।
उदाहरण के लिए:
सूर्य (Sun) → सिंह राशि (Leo) → किसी विशेष House में
यहाँ तीन अलग-अलग concepts हैं:
Planet — ग्रह
Sign — राशि
House — भाव
इन तीनों को एक ही चीज समझना सही नहीं है।
राशि और भाव एक ही चीज नहीं हैं
यह Astrology सीखने वाले beginners के लिए बहुत महत्वपूर्ण बात है।
राशि (Sign) और भाव (House) अलग concepts हैं।
राशियाँ Zodiac के 12 divisions हैं।
वहीं भाव (Houses) जन्म कुंडली में जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को represent करते हैं।
उदाहरण के लिए:
मेष एक राशि है।
प्रथम भाव एक House है।
किसी कुंडली में मेष राशि प्रथम भाव में हो सकती है, लेकिन दूसरी कुंडली में वही मेष राशि किसी दूसरे भाव में हो सकती है।
इसीलिए:
Sign बताता है कि ग्रह किस राशि के क्षेत्र में है, जबकि House कुंडली में उस ग्रह के जीवन-क्षेत्र से संबंध को समझने में मदद करता है।
ग्रह राशि में क्यों देखे जाते हैं?
Astrology में ग्रहों को अकेले नहीं देखा जाता।
उदाहरण के लिए यदि हम कहते हैं:
“बुध (Mercury) मिथुन राशि में है।”
तो हम केवल ग्रह का नाम नहीं देख रहे हैं। हम यह भी देख रहे हैं कि Mercury किस Sign में स्थित है।
आगे interpretation करते समय कई layers जुड़ सकती हैं:
Planet → Sign → Degree → House → Lordship → Aspects → Strength
लेकिन अभी हमें केवल शुरुआती तीन चीजें समझनी हैं:
ग्रह + राशि + भाव
यही आगे की कुंडली समझने का basic framework बनेगा।
Zodiac को एक आसान उदाहरण से समझिए
कल्पना कीजिए कि एक पूरा गोल चक्र है। यह पूरा चक्र 360°
का है।
अब इसे 12 बराबर हिस्सों में बाँट दिया गया। हर हिस्सा 30°
का हुआ।
अब इन 12 हिस्सों को नाम दिए गए:
Aries → Taurus → Gemini → Cancer → Leo → Virgo → Libra → Scorpio → Sagittarius → Capricorn → Aquarius → Pisces
यही basic structure Zodiac को समझने की शुरुआत है।
क्या हर व्यक्ति की राशि एक ही होती है?
नहीं।
किसी व्यक्ति की कुंडली में अलग-अलग ग्रह अलग-अलग राशियों में हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए किसी व्यक्ति की कुंडली में:
Sun → Aries
Moon → Taurus
Mercury → Aries
Venus → Pisces
जैसी स्थितियाँ हो सकती हैं।
इसलिए Astrology में केवल यह कहना कि “आपकी राशि क्या है?” पूरी Birth Chart की जानकारी नहीं देता।
पूरी कुंडली को समझने के लिए कई ग्रहों और उनके संबंधों को देखा जाता है।
राशि चक्र और कुंडली पढ़ने की शुरुआत
अब तक हमने तीन basic terms समझीं:
1. Planet — ग्रह
कौन-सा ग्रह स्थित है?
2. Sign — राशि
वह ग्रह किस राशि में स्थित है?
3. House — भाव
वह ग्रह कुंडली के किस भाव में स्थित है?
इन्हें एक साथ समझना आगे की Horoscope Interpretation की foundation बनेगा।
उदाहरण:
Mars + Leo + 10th House
इसका अर्थ केवल इतना नहीं होगा कि “Mars Leo में है।” आगे हमें यह भी देखना होगा कि Leo किससे संबंधित है, Mars किस भाव का lord है, उसकी degree क्या है और अन्य ग्रहों से उसका क्या संबंध है।
इन advanced interpretations को हम आगे अलग-अलग lessons में सीखेंगे।
Lesson 2 — Quick Revision
आज हमने सीखा:
Zodiac = 360° का चक्र
12 Signs = 12 राशियाँ
1 Sign = 30°
Sign और House अलग-अलग concepts हैं।
Planet + Sign + House कुंडली interpretation की basic foundation है।
और आगे Astrology सीखते समय हमें Degree का महत्व भी समझना होगा।
आगे क्या सीखेंगे?
अब जब हमने Zodiac की basic structure समझ ली है, अगले lesson में हम जानेंगे:
12 राशियाँ क्या हैं? (The Twelve Signs)
फिर एक-एक करके मेष से मीन तक 12 राशियों का अध्ययन शुरू करेंगे।
Lesson -1
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कुंडली में शनि शुभ है या अशुभ? जानें शनि शुभ और अशुभ होने के 21 संकेत
राशि चक्र (Zodiac)
What is Zodiac
12 राशियाँ
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