शनि की साढ़ेसाती क्या है और कैसे पहचानें की आप उसके प्रभाव में हैं?
प्रिय पाठक ,
नमस्कार ।
मैं आचार्या सांत्वना इस पोस्ट में शनि की साढ़ेसाती ( Shani Sade Sati ) की चर्चा करूंगी और आज आपके मन में उठ रहे सभी सवालों का जवाब आपको मिलेगा। आप इस पोस्ट में जानेंगे
- शनि कौन है और क्यों शनि के नाम से लोग डरते है ?
- शनि की साढ़ेसाती होती क्या है , कैसे जाने आप शनि के साढ़ेसाती के प्रभाव में है ?
- शनि के साढ़ेसाती के क्या- क्या प्रभाव और लक्षण जीवन में होते है ?
- शनि को 5 उपाय से कैसे खुश या अच्छा करें ?
- शनिवार के दिन क्या आपको बिल्कुल नहीं करना है ?
शनि कौन है और क्यों शनि के नाम से लोग डरते है ?
शनि को ज्योतिष में बहुत से नामों से जाना जाता है जैसे शनि को
1)कर्म के देवता :- शनि हमारे जीवन में कर्म का कारक है वो कर्म या नौकरी या व्यवसाय जो हम अपने जीविका को चलने के लिए करते है या जो आप कर्म करते है अच्छा कर्म या खराब कर्म।
2) न्यायधीश या न्याय का प्रतीक :- शनि को न्यायधीश भी कहा जाता है उनको आपके अच्छे कर्म और बुरे कर्म अनुसार दंड देने का अधिकार प्राप्त है और ये दंड आपको प्रायः शनि की साढ़े साती या फिर शनि के ढैय्या या फिर शनि के दशा और अंतर दशा में प्राप्त होते है ।
3) सेवक :- शनि को ज्योतिष में सेवक और बूढ़े आदमी या कमजोर या लाचार आदमी की संज्ञा दी गई है ।
4) शनि को अनुशासन और धैर्य का प्रतीक :- शनि आपको अनुशासन शिक्षा है के जेलर की तरह और चूंकि शनि सब काम धीमे धीमे करते है इसलिए शनि आपके धैर्य की परीक्षा लेता है।
5) दुःख और वैराग्य का प्रतीक :- शनि को जीवन में दुःख का कारक और वैराग्य का कारक माना गया है अतः यदि आपके कुंडली में शनि खराब है तो आपको कष्ट होगा और आप अकेलापन अनुभव करेंगे ।
शनि की साढ़ेसाती के क्या- क्या प्रभाव और लक्षण जीवन में होते है ?
चलिए सबसे पहले ये जानते है कि क्या - क्या लक्षण आपके जीवन में आ रहे है या आप गुजर रहे है जिससे आपको पता चलेगा कि आप शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में है :-
1) मानसिक तनाव :- शनि जो है न वो आपके घर के ताऊ जी है जो आपको हर बात पर रोकते है और टोकते है और आपका मन अशांत हो जाता है , आप तनाव महसूस करते है और एक बेचैनी हमेशा बनी रहती है ।
2) आर्थिक नुकसान :- शनि चूंकि हमारे मन पर असर करता है और हमारा मन चंचल है उसको रोज कुछ न कुछ नए नए आइडिया या विचार आते है कभी जॉब बदलना है और तभी नौकरी छोड़नी है या फिर आज ये बिजनेस करना है और कभी वो , इसका नतीजा पैसे की बर्बादी और आर्थिक संकट।
नोट :- यदि आपने किसी से सलाह ले बगैर आप ने कोई भी निर्णय लिया तो आपको दूसरों के सामने हाथ फैलना पड़ सकता है |
3) काम में रुकावट :- शनि कारक है बाधा का , शनि कारक है देरी का । आपके काम में बार - बार रुकावट आ रही है जो भी आप काम करते है या कर रहे है उसमें रुकावट होना शुरू हो जाता है इसका अर्थ है शनि आपके कुंडली में खराब है और शनि के प्रभाव में आप आ गए है ।
4) शनि के कारण अकेलापन :- आपको लगता है सब एकदम से छूट गया आपके लिए सभी चीजें बेमतलब की लगने लगती है और एक अधूरापन या अकेलापन का अनुभव होता है ।
5) पारिवारिक क्लेश : - शनि आपके मन को डिस्टर्ब या बेचैन करता है आपको चिड़चिड़ापन अनुभव होता है जिसके कारण आप अपनों के साथ लड़ते है और घर में क्लेश का कारण बनते है ।
6) स्वास्थ्य बिगड़ना:- शनि के प्रभाव में है तो आपको हड्डी और जोड़ों की समस्या हो सकती है , मानसिक तनाव , नसों से जुड़ी तकलीफ और बालों का झड़ना जैसे समस्या हो सकती है ।
शनि की साढ़ेसाती होती क्या है , कैसे जानें आप सनाई के साढ़ेसाती के प्रभाव में है ?
चलिए आप इस बात को समझते है कि शनि की साढ़ेसाती होती कैसे है और आप अपनी कुंडली से कैसे जाने की आप शनि के साढ़ेसाती के प्रभाव में है ।
आप को ये जानना बहुत जरूरी है कि आपकी राशि क्या है ।आप सब को पता है हमारा कुंडली का चंद्रमा जिस भी
Number में हो वो राशि ही हमारी होती है । कुंडली में 1- 12 तक के नंबर लिखें होते है थोड़ा समझते है राशि और उसके नंबर को जैसे
1. मेष राशि , 2- वृषभ राशि , 3 - मिथुन राशि , 4- कर्क राशि , 5- सिंह राशि , 6 - कन्या राशि , 7- तुला राशि , 8 - वृश्चिक राशि , 9- धनु राशि , 10 - मकर राशि , 11- कुंभ राशि और 12 - मीन राशि ।
यानी यदि आपका चंद्रमा 5 number के राशि में है तो आप सिंह राशि के जातक है ।
अब जानेंगे क्यों कहां जाता है कि शनि की साढ़ेसाती चल रही है । शनि का गोचर ( transit) जब आपकी कुंडली के चंद्रमा से होता है तो कहा जाता है कि आप की शनि की साढ़ेसाती चल रही है । साढ़ेसाती क्यों कहते है क्योंकि शनि एक राशि में ढाई साल यानी 30 महीने रहते है और जब शनि आपके कुंडली के चंद्रमा से 1 घर पीछे रहते है तब से ही शनि के साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू हो जाता है जिसको पहला चरण कहा जाता है ।
शनि का दूसरा चरण शुरू होता है जो आपके कुंडली के चंद्रमा के ऊपर या यू कहें आपका चंद्रमा और गोचर का शनि दोनों एक ही घर में होते है जहां शनि फिर ढाई साल यानी 30 महीने के लिए होता है ।
तीसरा चरण जब शनि का गोचर आपके कुंडली के चंद्रमा के आगे वाले घर में आ जाता है , यहां भी शनि ढाई साल यानी 30 महीने के लिए होते है यानी ढाई साल + ढाई साल + ढाई साल = साढ़ेसात साल | इसको ही शनि के साढ़ेसाती कहा जाता है ।
इसको हमलोग कुंडली के मदद से समझेंगे ।
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शनिवार के दिन क्या आपको बिल्कुल नहीं करना है ?
- झूठ न बोलें या गलत काम नहीं कीजिए
- गरीब या मज़दूर का अपमान न करें।
- अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारी का अपमान न कीजिए बल्कि यदि आप अपने नीचे काम करने वाले को खुश रखते है तो समझ लेने आपका शनि आपके कुंडली में अच्छा है ।
- शराब और मांस से बचें कम से कम शनिवार के दिन ।
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