सावन 2026 में भगवान शिव की पूजा कैसे करें? सोमवार व्रत, शिवलिंग पर क्या चढ़ाएँ, राशि अनुसार अर्पण और संपूर्ण पूजा गाइड
क्या आप पूरे सावन भगवान शिव की विशेष पूजा करना चाहते हैं?
चाहे आपकी मनोकामना विवाह, नौकरी, व्यापार, संतान सुख, स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख, मानसिक शांति या नवग्रहों की शुभता की हो, सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस लेख में जानिए
- पूरी सावन पूजा विधि
- सोमवार की पूजा थाली
- शिवलिंग पर क्या चढ़ाएँ और क्या नहीं
- सावन के सातों दिन क्या अर्पित करें
- राशि अनुसार विशेष अर्पण
- शिव मंत्र और सावन में क्या करें-क्या न करें।
- सावन में शिव पूजा का महत्व
- श्रावण (सावन) मास भगवान शिव को समर्पित माना जाता है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में शिव पूजा, जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण, मंत्र जप और सोमवार व्रत का विशेष महत्व है।
ज्योतिषीय दृष्टि से भी भगवान शिव की आराधना को मन की शांति, सकारात्मक ऊर्जा, नवग्रहों की शुभता और जीवन में संतुलन की प्रार्थना का माध्यम माना जाता है।
सावन में भगवान शिव की पूजा कैसे करें?
- प्रतिदिन या प्रत्येक सोमवार सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव का ध्यान करें।
- शिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करें।
- बेलपत्र अर्पित करें।
- श्रद्धा अनुसार दूध या पंचामृत से अभिषेक करें।
- "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
- धूप-दीप दिखाकर आरती करें।
- अंत में अपनी मनोकामना भगवान शिव के चरणों में अर्पित करें।
सोमवार की पूजा थाली में क्या-क्या होना चाहिए?
पूजा थाली में सामान्यतः ये सामग्री रखी जा सकती है—
- जल या गंगाजल
- कच्चा दूध
- बेलपत्र
- ताज़े पुष्प
- धतूरा या आक के फूल (यदि उपलब्ध हों)
- दीपक
- धूप या अगरबत्ती
- चंदन
- नैवेद्य (फल, मिश्री)
- रुद्राक्ष की माला (वैकल्पिक)
- शिव चालीसा या मंत्र पुस्तक (वैकल्पिक)
शिवलिंग पर क्या चढ़ाएँ और क्या नहीं
सावन के 7 दिन – किस दिन शिवजी को क्या चढ़ाएँ?
☀️ रविवार
🌙 सोमवार
♂️ मंगलवार
☿ बुधवार
♃ गुरुवार
♀️ शुक्रवार
♄ शनिवार
सावन में कौन-से मंत्र जपें?
राशि अनुसार पूरे सावन में भगवान शिव को क्या अर्पित करें?
मेष (मंगल)
- विशेष अर्पण: लाल पुष्प और लाल मसूर (दान)
- कामना: मंगल की शुभता, साहस और विवाह/करियर में आ रही बाधाओं के शांत होने की प्रार्थना।
♉ वृषभ (शुक्र)
- विशेष अर्पण: दूध से अभिषेक और मिश्री
- कामना: शुक्र की शुभता, प्रेम, दांपत्य सुख और आर्थिक समृद्धि की प्रार्थना।
♊ मिथुन (बुध)
- विशेष अर्पण: चंदन और हरी मूंग (दान)
- कामना: बुध की शुभता, बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और वाणी में मधुरता की प्रार्थना।
♋ कर्क (चंद्र)
- विशेष अर्पण: गंगाजल और कच्चा दूध
- कामना: चंद्र की शुभता, मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और भावनात्मक संतुलन की प्रार्थना।
♌ सिंह (सूर्य)
- विशेष अर्पण: लाल चंदन और गुड़
- कामना: सूर्य की शुभता, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और करियर में प्रगति की प्रार्थना।
♍ कन्या (बुध)
- विशेष अर्पण: चंदन और हरी मूंग (दान)
- कामना: बुध की शुभता, नौकरी, एकाग्रता, निर्णय क्षमता और व्यापार में सफलता की प्रार्थना।
♎ तुला (शुक्र)
- विशेष अर्पण: सफेद पुष्प और मिश्री
- कामना: शुक्र की शुभता, प्रेम, वैवाहिक सुख और पारिवारिक सौहार्द की प्रार्थना।
♏ वृश्चिक (मंगल)
- विशेष अर्पण: धतूरा और लाल पुष्प
- कामना: मंगल की शुभता, साहस, शत्रु बाधाओं से रक्षा और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की प्रार्थना।
♐ धनु (गुरु)
- विशेष अर्पण: पंचामृत अभिषेक और चने की दाल (दान)
- कामना: गुरु की शुभता, ज्ञान, विवाह, संतान सुख और समृद्धि की प्रार्थना।
♑ मकर (शनि)
- विशेष अर्पण: काले तिल और जल
- कामना: शनि की शुभता, कार्यों में स्थिरता, धैर्य और बाधाओं से राहत की प्रार्थना।
♒ कुंभ (शनि)
- विशेष अर्पण: गंगाजल और काले तिल (दान)
- कामना: शनि की शुभता, कर्म में सफलता, मानसिक दृढ़ता और जीवन में संतुलन की प्रार्थना।
♓ मीन (गुरु)
- विशेष अर्पण: पंचामृत अभिषेक और चंदन
- कामना: गुरु की शुभता, आध्यात्मिक उन्नति, पारिवारिक सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना।
सावन में क्या करें और क्या न करें?
सावन 2026 में करें
- प्रतिदिन शिव स्मरण करें।
- सात्त्विक भोजन ग्रहण करें।
- दान-पुण्य करें।
- सत्य और संयम का पालन करें।
- माता-पिता और गुरु का सम्मान करें।
सावन 2026 में क्या नहीं करें
- क्रोध और कटु वचन से बचें।
- नशे और तामसिक भोजन से दूर रहें।
- किसी का अपमान न करें।
- बासी जल या बासी फूल शिवलिंग पर अर्पित न करें।
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